ओम जय शिव ओंकारा की आरती लिखी हुई lyrics

Shiv Ji Ki Aarti: 

सोमवार के दिन पढ़ें शिव जी की ये आरती, जीवन के सभी दुखों से मिलेगी मुक्ति!

शिव जी की आरती

ॐ जय शिव ओंकारा, 
स्वामी जय शिव ओंकारा। 
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥ 
ॐ जय शिव ओंकारा॥
एकानन चतुरानन पंचानन राजे । 
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे ॥ 
ॐ जय शिव ओंकारा॥
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे । 
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे ॥ 
ॐ जय शिव ओंकारा॥
अक्षमाला वनमाला, मुण्डमाला धारी । 
चंदन मृगमद सोहै, भाले शशिधारी ॥ 
ॐ जय शिव ओंकारा॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे । 
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ 
ॐ जय शिव ओंकारा॥
कर के मध्य कमंडल चक्र त्रिशूलधारी । 
सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी ॥ 
ॐ जय शिव ओंकारा॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका । 
प्रणवाक्षर में शोभित ये तीनों एका ॥ 
ॐ जय शिव ओंकारा, 
स्वामी जय शिव ओंकारा। 
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥ 
ॐ जय शिव ओंकारा॥



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